कार्यालय का नाम एवं पता

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, बोकारो।

कैम्प- II, बी.एस.सिटी,जिला-बोकारो।

कार्यालय प्रधान का नाम एवं दूरभाष संख्या

श्री राम लखन प्रसाद गुप्ता, झा.प्रा.से

उप विकास आयुक्त, बोकारो।

8969744019

कार्यरत कर्मियों की स्थिति 19 (कार्यरत बल)
 

Important Schemes with Brief Description :

1) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीणः- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आर्थिक, सामाजिक एवं जाति आधारित जनगणना-2011 के आधार पर लाभुकों का चयन किया जाता है। इस योजना के तहत आवास विहिन, एक कमरा तथा दो कमरा वाले कच्चा आवास के लाभुकों को लाभांवित किया जाना है।

इस योजना के तहत आवास विहिन, निराश्रित, मैला सफाई करने वाला परिवार, आदिम जनजाति परिवार एवं बन्धुवा मजदूरी से मुक्त परिवार स्वतः योजना के लाभुक माने जाते है।
बोकारो जिला में इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु 7654 इकाई लक्ष्य लिया गया है, जिसे नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रखण्डों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण एवं स्वीकृति करने की कार्रवाई की जा रही है।

2) इंदिरा आवास योजनाः- इंदिरा आवास योजनान्तर्गत जिले में 13017 इकाई के विरुद्ध 4207 इकाई लक्ष्य लंबित है, जिसे मिशन मोड़ में पूर्ण करने की कार्रवाई करने की कार्रवाई की जा रही है।

3) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 :- ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम (नरेगा) 2005 सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है जो गरीबों की जिदंगी से सीधे तौर पर जुड़ा है और जो व्यापक विकास को प्रोत्साहन देता है। यह अधिनियम विश्व में अपनी तरह का पहला अधिनियम है जिसके तहत अभूतर्पूव तौर पर रोजगार की गारंटी दी जाती है। इसका मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की आजीविका सरक्षा को बढाना। इसके तहत हर घर के एक वयस्क सदस्य को एक वित्त वर्ष में कम से कम 100 दिनों को रोजगार दिए जाने की गारंटी है। यह रोजगार शारीरीक श्रम के संदर्भ में है और उस वयस्क व्यक्ति को प्रदान किया जाता है जो इसके लिए राजी हो। इस अधिनियम का दूसरा लक्ष्य यह है कि इसके तहत टिकाऊ परिसम्पत्तियों का सृजन किया जाए और ग्रामीण निर्धनों की आजीविका के आधार को मजबूत बनाया जाए। इस अधिनियम का मकसद सूखे, जंगलों के कटान, मृदा क्षरण जैसे कारणों से पैदा होने वाली निर्धनता की समस्या से भी निपटना है ताकि रोजगार के अवसर पैदा होते रहें।

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) को तैयार करना और उसे कार्यान्वित करना एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा गया है। इसका आधार अधिकार और माँग को बनाया गया है जिसके कारण यह पूर्व के इसी तरह के कार्यक्रमों से भिन्न हो गया है। अधिनियम के बेजोड़ पहलुओं में समयबध्य रोजगार गारंटी और 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान आदि शामिल है। इसके अंतर्गत राज्य सरकारों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे रोजगार प्रदान करने में कोताही न बरतें क्योंकि रोजगार प्रदान करने के खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र वहन करता है। इसके अलावा इस बात पर भी जोर दिया जाता है कि रोजगार शारीरिक श्रम आधारित हो जिसमें ठेकदारों और मशीनों का कोई दखल हो। अधिनियम में महिलाओं की 33 प्रतिशत श्रम भागीदारी को भी सुनिश्चित किया गया है।

4) एन.आर.एल.एमः- बोकारो जिला में कुल 3245 एस.एच.जी पूर्व से गठन किया गया था। जिसमें से महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, आर.एफ, बैंक क्रेडिट देते हुए स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने की कार्रवाई एन.आर.एल.एम के तहत की जा रही है।